Video Transcription
नई दिल्ली के बीचों बीच एक उमस भरी दोपहर में, गोरी तवचा, बादाम के आकार के गूरी आखों और लमबे लहराते काले बालों वाली भारतीय महिला जैनब ने खुद को अपने हरे भरे बघीचे में एक गिलास मीथी थंदी मसाला चाय पीते हुए पाया.
वह एक सफल व्यवसाई महिला थी जो अपने तेज दिमाग और दुरिव निष्चे के लिए जानी जाती थी. हाला कि उस दिन वह अपने आली शान महल में थोड़ा अकेलापन महसूस करने से खुद को नहीं रोप पाई.
उस हफ़ते की शुरुआत में जैनब के मुलाकाथ कस्वे से हुई जो एक भारतिय कलाकार थी जिसकी कोमल, भूरी आखें, नाग पर ज्हाईयां और पीप पर लटकते हुए भूरे बाल थे. उनका रिष्टा तुरंब बन गया और उन्होंने कला, संस्कृति और जीवन के
बारे में घंटों बाते की. कस्वे में एक कामकूर जा थी जिसे
जैनब ने एयाट्योग धाय पाया. जब उन्होंने नमबरों का आधान